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DAV CMC Class VIII all Alnakaar Works

पाठ – 4 दोपहरी अलंकार(अनुप्रास, उपमा, रूपक, मानवीकरण) अपठित काव्यांश 1.क. सर्प सरीखीख. स साँझ समय ग. च चमचम, चपला, चमकी घ. ल लाली, लाल, लाल 2.अनुप्रास अलंकार को अच्छे से पढ़ने और समझने के लिए-3.क. तरणि, तनूजा

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