Baal Kavita on Dholak ढोल


ढोल
भरी है इसमें पोल अतोल ।
थपकी दो तुम धीरे-धीरे सुनो मनोहर बोल ॥
जोर करोगे चिल्लाएगा ढम ढम ढम ढम ढोल ।
ठहरो इससे डर मत जाना, है यह निपट अबोल ।।
केवल आडम्बर का ही है चढ़ा अनोखा खोल ।
जरा गौर से देखो, इसकी खुल जावेगी पोल ।।


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