Baal Kavita Vinay


बाल विनय
हे भगवान! हे भगवान!
हम हैं बालक, अबोध और अजान
करे तुम्हारा क्या गुणगान?
माँगे तुमसे क्या वरदान?
नहीं जानते कुछ भी नाथ,
केवल तुम्हें झुकाते माथ,
आओ, क्षण भर खेलो साथ।


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