मुझे समझो Mujhe Samjho Poem By Avinash Ranjan Gupta


 मुझे समझो
ये गलत है कि हम वफ़ादार नहीं हैं,
सच तो ये है कि हम अदाकार नहीं हैं।  
लोगों ने ये भी कहा कि हम जिम्मेदार नहीं हैं,
सच तो ये है कि उनमें सब्र और इंतज़ार नहीं हैं।    
कसूर ये भी है हमारा कि हम मददगार नहीं है,
उन्हें नहीं पता कि गलत कामों के हम हिस्सेदार नहीं हैं।
ज़बाने सच्चाई है इसलिए हम शख्से एतबार नहीं हैं,
असल में तो हममें दोहरा किरदार नहीं हैं ।
हमें काफ़िर कहने वालों, हमें ये खुशगवार नहीं हैं,
मिलते हैं हम उनसे ख्वाबों में, हम कोई गुनहगार नहीं हैं,
ये मसला-ए इबादत है, कोई कारोबार नहीं है,
हमें शैतान कहनेवालों सुनो, आप भी परवरदिगार नहीं हैं।

                                            अविनाश रंजन गुप्ता

Comments

  1. Give class 8 CBse dharam Shiksha Chapter 11 and chapter 12 question answers

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