Hindi Language Promotion and Development: Samvaad Lekhan By Avinash Ranjan Gupta

Monday, 19 September 2016

Samvaad Lekhan By Avinash Ranjan Gupta



विषय : दो मित्रों के बीच वृक्षारोपण पर बातचीत

सोमेश : नमस्कार नीरव! आप कैसे हैं
नीरव : नमस्कार! मैं ठीक हूँ। आप बताइए, आपके क्या हालचाल हैं?
सोमेश : भाई आजकल तो मैं वृक्षारोपण के कार्यक्रम में व्यस्त हूँ।
नीरव : वृक्षारोपण!
सोमेश : हाँ, वृक्षारोपण!
नीरव : कहाँ हो रहा है ये वृक्षारोपण?
सोमेश : यहीं बोलानी में।
नीरव : तो मैं भी इस वृक्षारोपण के कार्यक्रम में शरीक होना चाहता हूँ।
सोमेश : स्वागत है आपका।





विषय:- जनसंख्या नियंत्रण पर दो छात्रों के मध्य सम्वाद।


राकेश :  वासुआज मैंने अंग्रेजी के दैनिक समाचार-पत्र में पढ़ा कि हम जनसंख्या में चीन के बराबर हो गए हैं। पता है आनेवाले समय में क्या होगा?
वासु :  क्या होने वाला हैचलोकिसी एक काम में तो हम चीन से आगे निकले।
राकेश :  क्या कह रहे होयदि यही हाल रहा तो सरकार द्वारा लोगों के कल्याण के लिए बनाई जानेवाली सभी योजनाएँ विफल हो जाएँगी।
वासु :  तोइसका अर्थ यह हुआ कि सरकार को चीन की तरह जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाने का निर्णय करना चाहिए।
राकेश :  हाँशायद तुम सही कह रहे हो। चीन की सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए कठोर कदम उठाए  हैं और जनता ने भी सरकार का साथ दिया है।



विषय: बढ़ते हुए महिला अपराध के सन्दर्भ में दो महिलाओं के मध्य बातचीत लिखिए-

महिला (एक)  : अरे! पूजा आज बहुत दिनों बाद दिखाईं दींकहाँ थीं?
महिला (दूसरी) : माताजी के साथ एक दुर्घटना हो गई थी इसलिए इधर आना नहीं हुआ।
महिला (एक) :  ओह! क्या हो गया था?
महिला (दूसरी) : किसी बदमाश ने राह चलते गले की चेन खींच ली जिसके कारण उनके गले में कुछ चोटें आईं थीं।
महिला (एक) : ओह! यह तो बहुत बुरा हुआ। आजकल दिनदहाड़ें ऐसी वारदातें बहुत होने लगी  हैं। लगता है जैसे पुलिस और कानून का डर ही नहीं रहा है।
महिला (दूसरी) : हाँ, यदि पुलिस-विभाग अपनी जिम्मेदारी सही तरह से निभाए तो बदमाशों की हिम्मत न हो।


विषय: पठन शाखा (Stream) चयन को लेकर दसवीं उत्तीर्ण दो छात्रों के मध्य बातचीत लिखिए-

श्याम  : क्या लेने की सोच रहो हो मित्र?
राकेश : मैं तो विज्ञान लूँगा क्योंकि मुझे डॉक्टर बनना है।
राकेश :  तुमने क्या सोचा है?
श्याम : विज्ञान तो मुझे भी लेने की इच्छा है परंतु मैं वाणिज्या लूँगा।
राकेश : ऐसा क्यों?
श्याम: ऐसा इसलिए क्योंकि विज्ञान पढ़ने में पैसे और समय दोनों बहुत लगते हैं ऊपर से गणित और भौतिक विज्ञान में मेरा हाथ कुछ ढीला है।
राकेश : जैसा तुम्हें ठीक लगे ऐसे आजकल वाणिज्य का भी बहुत बोलबाला है।