Hindi Language Promotion and Development: Tera Jeevan By Avinash Ranjan Gupta

Tuesday, 19 April 2016

Tera Jeevan By Avinash Ranjan Gupta



तेरा जीवन
तेरा जीवन भी जीवन है,
जिसमें आशा की किरण है। 
इतिहास के पन्ने बोलते हैं,
कितने राज़ खोलते हैं,
वीरों की धारा है इसमें,
अदम्य उत्साह था जिनमें,
तुम भी इनके ही वंशज हो,
और बनोगे पूर्वज भी,
तो शून्य से बढ़ आगे अभी,
अस्तित्व में तू आएगा तभी।  
तेरा जीवन भी जीवन है,
जिसमें आशा की किरण है। 
तू एक बार सोच शांत मति से,
क्यों न बढ़ेगा तू द्रुत गति से?
तू भी सबकुछ पा सकता है,
ठान लिया गर तूने कुछ तो,
कौन तुझे अटका सकता है?
देख उधर खड़ा भूधर है
कौन उसे हिला सकता है?
तेरा जीवन भी जीवन है,
जिसमें आशा की किरण है। 
निश्चय होगी जीत तुम्हारी
पहुँचोगे तुम शिखर पर भी
बस चोटों को सहते जाना
विपदाओं से न घबराना
और लक्ष्य का अंत तक साथ निभाना।
क्योंकि तेरा जीवन भी जीवन है,
जिसमें आशा की किरण है। 
                              अविनाश रंजन गुप्ता