Hindi Language Promotion and Development: Nyay Ke Khilaf Ladai By Avinash Ranjan GUpta

Monday, 18 April 2016

Nyay Ke Khilaf Ladai By Avinash Ranjan GUpta



अन्याय के खिलाफ़ लड़ाई
अज्ञात
पाठ में से
1.     प्रश्नोत्तर
क.  अल्लूरी श्रीराम राजू हाई स्कूल की परीक्षा पास करने  के बाद साधु बन गए थे और उसी जंगल में जाकर रहने लगे जहाँ कोया आदिवासी रहा करते थे। उन्होंने कोया आदिवासियों को मशहूर नेता गाँधीजी के बारे में बताया कि गाँधीजी सभी भारतीयों से यह कहते है कि हमें अंग्रेज सरकार का सहयोग नहीं करना चाहिए और कोई अंग्रेज़ अन्याय करेगा तो हमें अन्याय सहने से इनकार कर देना चाहिए।
ख.  अल्लूरी श्रीराम राजू की बातें सुनकर आदिवासियों का दिल मजबूत हुआ और उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ़ क्रांति कर दी। जब जंगल की संकरी पगडंडियों से अंग्रेज़ी सेना गुज़र रही होती थी तो जंगल में छिपे आदिवासी उन पर अचूक निशाना लगाकर उनका काम तमाम कर देते थे। कोया आदिवासियों को देखकर डर के कारण थानों से पुलिस भाग जाया करती थी।
ग.    बेस्टीयन एक तहसीलदार था जिसे अंग्रेज़ सरकार द्वारा सड़क बनवाने का काम सौंपा गया था। सड़क निर्माण में मज़दूरों की आवश्यकता पड़ती इसलिए वह कोया आदिवासियों के पास गया और अमानवीय तरीके से आदिवासियों को काम करने के लिए मज़बूर करने लगा। जब किसी आदिवासी ने काम के बदले में पैसे की बात कि तो बेस्टीयन बहुत ही क्रूर तरीके से उनसे बोला, “हुक्म बजाना नौकरों का काम होता है। आगे से यह सवाल मत पूछना।” इन सभी बातों से यह स्पष्ट हो जाता है कि  बेस्टीयन बहुत ही क्रूर और अक्खड़ स्वभाव का था।
घ.    जब अंगेज़ों ने जंगल के उन रास्तों को बंद कर दिया जिन रास्तों से आदिवासियों के लिए खाने की वस्तुएँ आया करती थीं और भंडार के रूप एकत्र किए गए सारे फसलों को भी अंगेज़ों द्वारा जला दिया तो भूख के मारे आदिवासियों का बुरा हाल होने लगा। क्रांतिकारी गतिविधियाँ भी शिथिल पड़ गईं। ऐसी स्थिति में अल्लूरी श्रीराम राजू को यह लगा कि अगर वह आत्म-समर्पण कर दे तो अंग्रेज़ आदिवासियों को सतना बंद कर देंगे इसलिए राजू ने अंगेज़ों के सामने आत्म-समर्पण कर दिया।
ङ.   अल्लूरी श्रीराम राजू ने आदिवासियों से यह कह रखा था कि किसी भी भारतीय सैनिक का बाल भी बाँका न होने पाए इसलिए जब जंगल की संकरी पगडंडियों से अंग्रेज़ी सेना गुज़र रही होती थी तो जंगल में छिपे आदिवासी भारतीय सैनिकों को गुज़र जाने देते और जैसे ही उन्हें कोई अंग्रेज़ सिपाही, सारजेंट या कमांडर नज़र आता उन पर अचूक निशाना लगाकर उनका काम तमाम कर देते थे।

पाठ के बहाने
1.     मौखिक
क.  महात्मा गाँधीजी ने स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए अपना पूरा जीवन व्यय कर दिया। उन्होंने असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह, स्वदेशी आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों का आगाज़ करके भारत को स्वतंत्रता दिलाई।
ख.  ऐसा विश्वास करना सर्वथा भूल है। इस प्रकार का विश्वास विश्वास नहीं अंधविश्वास है जो इस बात को दर्शाता है कि आदिवासियों में शिक्षा-साक्षरता का नितांत अभाव है। उनका यह विश्वास उस समय टूटता है जब श्रीराम राजू ज़ख्मी  हो जाते हैं।
ग.    गृहकार्य
घ.    मैं आर्थिक रूप से उनकी मदद कर सकता हूँ। उनके लिए कुछ ऐसे उपकरणों का आविष्कार करता जिनसे उन्हें अपनी गतिविधियों में सहयोग मिल सके।
अनुमान और कल्पना
1.     मौखिक
क.  श्रीराम राजू के शहीद होने के बाद कोया आदिवासियों को सड़क बनाने के काम में लगना पड़ा होगा लेकिन अंग्रेजों को उनकी मेहनत का मेहनताना देना पड़ा होगा।
ख.  अगर श्रीराम राजू को कचहरी में पेश किया जाता तो उसपर देशद्रोह का आरोप लगाकर कुछ सालों की सज़ा होती।
शीर्षक की बात
1.     इस पाठ का नाम अन्याय के खिलाफ लड़ाई रखा गया है क्योंकि इस पाठ में अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ कोया आदिवासियों ने क्रांति की थी।
2.     मेरे हिसाब से इस पाठ के अन्य शीर्षक कोया आदिवासियों की क्रांति और आदिवासियों के मसीहा- श्रीराम राजू रखा जा सकता है क्योंकि पाठ का मूल विषय इन दोनों शीर्षकों से प्रतिफलित होता है।
आपकी अभिव्यक्ति
1.     मुहावरे
क.  मेजर गुडॉल फूला न समा रहा था।
ख.  आदिवासी सकपका गए।
ग.    राजू के दल को आते देखकर थानों से पुलिस नौ-दो ग्यारह हो जाती थी।
2.     बाल न बाँका होना = सुरक्षित होना = इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद सुरेश का बाल भी  बाँका नहीं हुआ।
छक्के छुड़ाना = परेशान कर देना = भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों के छक्के छुड़ा दिए।
चेहरा तमतमाना = क्रोधित होना = आदिवासियों की बातें सुनकर बेस्टीयन का चेहरा तमतमा गया।
दिल मज़बूत होना = साहस आना = श्रीराम राजू की बातें सुनकर आदिवासियों का दिल मज़बूत हो गया।
3.     बात              में                 के
उन               स्नेह
और             मंगा              व्यक्ति
ने                 कल             बाज़ार
में                 करना
खेत              हैं                 पहले
जाना             जल्दी ही       और
चला                          तेरी
शब्दार्थ
1.     अन्याय = Injustice
2.     खिलाफ़ = Against
3.     गुलाम = Slave
4.     धमकी = Threatening
5.     नेता = Leader
6.     मज़दूर = Labourer
7.     निगाह = नज़र
8.     हुक्म = आदेश
9.     अत्याचार = Atrocity
10.                        मशहूर = विख्यात
11.                        संकरी = तंग/ Narrow
12.                        परवाह = Care
13.                        तरकीब = उपाय
14.                        कारतूस = गोली / Bullet
15.                        आत्मसमर्पण = Surrender
16.                        गिरफ्तार = Arrest
17.                        इशारा = संकेत
18.                        मिसाल = उदाहरण
19.                        हित = भलाई
20.                        कूच = march

पर्यायवाची
1.     गुलाम = दास, सेवक, अनुचर
2.     निगाह = नज़र, नयन, नेत्र
3.     हुक्म = आदेश, आज्ञा
4.     मशहूर = विख्यात, प्रसिद्ध, नामी
विलोम
1.     अन्याय # न्याय
2.     खिलाफ़ # साथ  
3.     गुलाम # मालिक
4.     मज़दूर # मालिक  
5.     हुक्म # अनुमति 
6.     अत्याचार # सदाचार
7.     हित # अहित

उपसर्ग / प्रत्यय
उपसर्ग
1.     अन्याय = अ + न्याय
2.     अपमान = अप + मान
3.     अहयोग = सह = योग
प्रत्यय
1.     गोलियाँ = गोली + याँ